उत्तर भारत के मौसम ने एक बार फिर अपना रूप बदल लिया है। पाकिस्तान के मध्य भागों में विकसित एक प्रेरित चक्रीय परिसंचरण के प्रभाव से राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में हल्की बारिश, मेघ गर्जना और बदलती मौसम की हलचल शुरू हो गई है।
अरब सागर से आ रही नमी वाली हवाओं के मिलन से यह सिस्टम धीरे-धीरे और सशक्त हो रहा है। अगले 24 घंटे के दौरान राजस्थान, दक्षिणी हरियाणा और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम की गतिविधियों के तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली-एनसीआर और मध्य प्रदेश में भी असर
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक 19 फरवरी को दिल्ली-एनसीआर के साथ नूंह, पलवल, गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी जैसे जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। इसी तरह मध्य प्रदेश के ग्वालियर संभाग, शिवपुरी, गुना, उज्जैन, भोपाल और इंदौर में भी बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं बौछारें होने की उम्मीद है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मथुरा, आगरा, झांसी और ललितपुर जिलों में भी बरसात का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के अधिकांश हिस्सों में अभी तक मौसम शुष्क ही रहेगा।
ओलावृष्टि का खतरा, किसानों को एडवाइजरी
आगामी 24 घंटे के मौसम को राजस्थान, दक्षिणी हरियाणा और पश्चिमी मध्य प्रदेश के किसानों के लिए अहम माना जा रहा है। यहां हल्की-मध्यम बारिश होने के साथ बादलों की ऊंचाई अधिक रहने के कारण कहीं-कहीं ओलावृष्टि (हेलिंग) की भी सम्भावना जताई गई है, जिससे खड़ी फसलों को क्षति पहुंच सकती है।
मौसम विभाग ने तेज हवाओं, गरज-चमक और ओलों से संभावित नुकसान को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
दक्षिण भारत में भी सक्रिय मौसम
उत्तर भारत के साथ ही दक्षिण भारत में भी मौसमी गतिविधियां तेज हैं। श्रीलंका के समीप बने कम दबाव के कारण वहां भारी बारिश शुरू हो चुकी है। इसका असर 19–20 फरवरी को तमिलनाडु और दक्षिणी केरल में दिखेगा, जहां मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है।
साथ ही बेंगलुरु, मैसूर और मांड्या सहित दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं।
20 फरवरी से उत्तर-पश्चिमी हवाओं के फिर सक्रिय होने पर तापमान में दोबारा गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे अधिकतर क्षेत्रों में मौसम ठंडा बने रहने की संभावना है।
निष्कर्ष: उत्तर भारत में अब मौसम का मिजाज बदला हुआ है, और अगले 24–48 घंटे के दौरान राजस्थान, हरियाणा, पंजाब से लेकर मध्य प्रदेश तथा दिल्ली-एनसीआर तक कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और ओलों की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वालों को मौसम विभाग की चेतावनियों का ध्यान रखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है।
इस मौसमी बदलाव से जहां कुछ इलाकों में राहत भरी बारिश होगी, वहीं कुछ स्थानों पर सतर्कता भी जरूरी है।



